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Online ट्रेडिंग धोखाधड़ी मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार

SHIDDHANT
30 Jan 2026 8:24 PM IST
Online ट्रेडिंग धोखाधड़ी मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार
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रिकवरी जारी
Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के बहाने कई निवेशकों से 2 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बहुवनेश्वर के पटिया क्षेत्र के बिक्रम केशरी साहू, सौभाग्य नगर के दिनेश मोहराना और शहीद नगर क्षेत्र के सरबनम सबत की गिरफ्तारी कटक के चांदनी चौक निवासी ससाधर मित्रा की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में हुई है।
अपनी शिकायत में मित्रा ने आरोप लगाया कि 2023 के दौरान, आरोपियों ने उन्हें और अन्य निवेशकों को बीआईटीओएक्स और उसकी सहयोगी संस्थाओं, जैसे एईएक्सएन ग्लोबल, कार्स कॉर्नर, एक्लैट कॉइन आदि द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन ट्रेडिंग योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। धोखेबाजों ने पीड़ितों को कम समय में उनके निवेश पर हाई रिटर्न का आश्वासन भी दिया।
ईओडब्ल्यू के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लालच में आकर, शिकायतकर्ता (मित्रा) ने 41,30,200 रुपए का निवेश किया, और जयंती पाणिग्राही और सुखमय दास सहित कुछ अन्य निवेशकों ने कुल मिलाकर 1.28 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का निवेश किया। जनता से जमा राशि लेने के बाद, आरोपियों ने कंपनी की वेबसाइटों और मोबाइल एप्लिकेशन को बंद कर दिया और निवेशकों को कोई रिटर्न दिए बिना इलाके से फरार हो गए।
उन्होंने आगे बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी बिक्रम ने दिनेश और सरबनम के साथ मिलकर आम जनता को बीआईटीओएक्स और उसकी सहयोगी संस्थाओं द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन ट्रेडिंग योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्हें दुगुना से तिगुना रिटर्न का वादा किया गया था। निवेशकों को यह भी आश्वासन दिया गया था कि मूलधन तीन महीने के भीतर वापस कर दिया जाएगा।
आरोपियों ने निवेशकों को लुभाने के लिए ओडिशा के भुवनेश्वर और कटक में तथा हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के कई अन्य स्थानों पर प्रचार सभाएं भी आयोजित कीं। खबरों के मुताबिक, जालसाजों ने अपने निजी बैंक खातों के साथ-साथ एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बी के कंस्ट्रक्शंस एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड जैसी फर्मों/कंपनियों के नाम पर रखे गए खातों में भी जमा राशि एकत्र की।
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